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Published 30-08-2022

फंगल इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक इलाज ।

FUNGAL INFECTIONS/RASHES

फंगल इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक इलाज ।

Dr. Shivani Nautiyal

An Ayurvedic Practitioner and Consultant with a specialization in Panchkarma. My goal is to design an individual treatment plan to help each patient to achieve the best outcome possible. Treats Male and Female Fertility problems, Irregular Menstruation, Leucorrhea, UTI, COPD, Diabetes, Hypertension, Insomnia, Joint Pain, Arthritis, Sciatica, Skin problems, Alopecia, Grey Hairs, Gastric problems and other Lifestyle Disorders with Panchkarma Therapies and Ayurvedic Medicines.

त्वचा के संक्रमण से निपटना निराशाजनक (disappointing) और कष्टप्रद (painful) हो सकता है। आपने त्वचा को ठीक करने के लिए अपनाए कई अभ्यास किए होंगे और हो सकता है कि इसने स्थिति को और खराब कर दिया हो। त्वचा का उपचार हानिकारक रासायनो (harmful chemicals) मुक्त होना चाहिए, जिससे हमें कोई साइड इफेक्ट न हो।आयुर्वेद उपचार की एक ऐसी विधा है, जो रोग के मूल (Original) कारण को दूर करने पर केंद्रित है। फंगल इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक इलाज के लिए प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और मसालों, आहार और जीवनशैली में बदलाव के साथ-साथ योग और ध्यान शामिल हैं।आयुर्वेदिक उपचार ने जबरदस्त और सफल परिणाम दिखाए हैं। यहाँ कुछ उपाय साझा किए गए हैं (Some of the measures shared are as follows), जो विभिन्न फंगल त्वचा संक्रमणों के उपचार में मदद करेंगे।

 आयुर्वेदिक उपचार  और आहार 

 

 ● लहसुन-  इसमें एंटीवायरल, जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं। परिणाम देखने के लिए लहसुन की कलियों का सेवन करें।

 ● एलोवेरा - एलोवेरा को प्रभावित जगह पर लगाने से खुजली और जलन से राहत मिलती है।

 ● हल्दी - इसमें एक एंटी-फंगल गुण होता है जो फंगस के विकास को रोकता है। इसे डाइट में भी इस्तेमाल किया जा सकता है और साथ ही इसका पेस्ट बनाकर त्वचा पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

 ● आंवला - यह शरीर के रक्षा तंत्र को सक्रिय (activate the defense mechanism) करता है और फंगल संक्रमण को रोकता है।

 ● अदरक - यह प्रतिरक्षा को बढ़ाता है और चूंकि यह एक शक्तिशाली जड़ी बूटी है, इसलिए इसके कई लाभ हैं जो फंगल संक्रमण के प्रबंधन में मदद करते हैं।

 ● ताजे फल - ताजे फल विभिन्न खनिजों, पोषक तत्वों, विटामिन और फाइबर से भरपूर होते हैं। त्वचा के उपचार के लिए खट्टे फल फायदेमंद होंगे क्योंकि वे विटामिन सी का एक भरपूर माध्यम (a rich source) हैं।

 ● जूस - ताजे फलों का जूस आपकी त्वचा को चमकदार बनाएगा और त्वचा को हाइड्रेट भी रखेगा। संतरा, नींबू, चुकन्दर और गाजर के रस से आपको लाभ होगा।

 ● पानी - हमारा शरीर मुख्य रूप से पानी से बना है इसलिए इसे खूब पिएं। इसके अलावा, आप स्वाद और हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी भी पी सकते हैं।

 

निम्नलिखित चीजों से बचना चाहिए -

 

● प्रोसेस्ड फूड (processed food) तैलीय खाद्य पदार्थ, सैचुरेटेड फैट (saturated fat) and कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrate) से भरपूर खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।

● कार्बोनेटेड पेय, कैफीन और अत्यधिक शर्करा युक्त पेय का सेवन नहीं करना चाहिए।

●  सभी डेयरी उत्पादों और मांसाहारी भोजन से बचें।

 

जीवन शैली और अन्य गतिविधियां

 

● ऐसे वातावरण से बचें जो बहुत गर्म और नम हो। यह त्वचा को और ज्यादा परेशानी को बढ़ाएगा ।

● उचित, ढीले सूती कपड़े पहनें जिससे आपकी त्वचा में जलन न हो। अपनी त्वचा को सांस लेने दें।

● अपनी त्वचा को खरोंचें या रगड़ें नहीं, इससे खुजली हो सकती है, लेकिन लगातार छूने से त्वचा को नुकसान होगा।

● नारियल के तेल से त्वचा की नमी बनाए रखें।

● ऐसे उत्पादों का उपयोग न करें जिनमें हानिकारक रसायन हों, इसके बजाय ऐसे उत्पादों की तलाश करें जो प्राकृतिक हों जो त्वचा को ठीक करें और कोई दुष्प्रभाव न दें जैसे वर्जिन कोकोनट का तेल (virgin coconut oil)

● ज्यादा इंटेंसिटी वाले व्यायाम से (high intensity workout) बचें क्योंकि इससे आपको पसीना आएगा जिससे त्वचा में जलन होगी।

● एप्सम सॉल्ट (Epsom salt) से गर्म पानी से स्नान करें।

 

फंगल इन्फेक्शन के घरेलू उपाय 

 

1- ग्रीक योगर्ट (Greek yogurt) - ग्रीक योगर्ट में मौजूद प्रोबायोटिक्स सी. एल्बिकैंस फंगस के खिलाफ प्रभावी होते हैं। इसके अतिरिक्त, लैक्टोबैसिलस एसिडोफिलस जैसे जीवित बैक्टीरिया योनि में पीएच संतुलन को बहाल करते हैं। सुनिश्चित करें कि आप बिना चीनी के ग्रीक योगर्ट का उपयोग करते हैं।

 

2- प्रोबायोटिक सपोसिटरी और सप्लीमेंट्स (Probiotics & supplements) - ये आपकी योनि में बैक्टीरिया-यीस्ट संतुलन को बहाल करेंगे। आप तेजी से परिणामों के लिए लैक्टोबैसिलस एसिडोफिलस बैक्टीरिया या योनि सपोसिटरी के उपभेदों के साथ ओरल प्रोबायोटिक्स (oral probiotic) ले सकते हैं।

 

3- नारियल तेल  (coconut oil) - नारियल तेल को सीधे इन्फेक्टेड तव्चा पर लगाएं। यह तेल फंगस के प्रभाव को ख़त्म करता है, केवल शुद्ध, जैविक नारियल तेल का उपयोग करें।

 

4- टी ट्री ऑयल (tea-tree oil) - इस एसेंशियल ऑयल को यीस्ट इन्फेक्शन के इलाज के लिए सपोसिटरी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। सुनिश्चित करें कि हमेशा वाहक तेल (carrier oil ) जैसे जोजोबा या नारियल तेल में मिला के उपयोग करें।

 

5 - विटामिन सी (vitamin-c) - अपनी प्रतिरक्षा (immunity) और इसकी फंगस (fungus) से लड़ने की क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए विटामिन सी का सेवन बढ़ाएं।

 

निष्कर्ष

यह स्पष्ट है कि त्वचा संबंधी विकार आपको परेशान करेंगे और अंततः तनाव का कारण बनेंगे। तनाव एक ट्रिगर हो सकता है और विकार को बढ़ा सकता है। इसलिए तनाव और चिंता को दूर करने के लिए नियमित योग और ध्यान का अभ्यास करें। यह शरीर, मन और आत्मा को शांत करेगा। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हमारे हेअल्थीबाज़ार Healthybazar की साइट पे visit कर के डॉक्टर्स से जानकारी प्राप्त कर सकते है।

Last Updated: Sep 1, 2022

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