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Published 30-11-2023

बैद्यनाथ पौरुष शक्ति को बढ़ाने की शक्तिवर्धक दवा

MALE SEXUAL HEALTH

बैद्यनाथ पौरुष शक्ति को बढ़ाने की शक्तिवर्धक दवा

Dr. Shivani Nautiyal

Dr. Shivani Nautiyal is a renowned Ayurvedic physician, Panchakarma therapies specialist, and detox expert who has made significant contributions to the field of natural holistic healing and wellness. With her profound knowledge, expertise, and compassionate approach, she has transformed the lives of countless individuals seeking holistic health solutions. She is a Panchakarma expert, which are ancient detoxification and rejuvenation techniques. She believes in the power of Ayurveda to restore balance and harmony to the body, mind, and spirit.

पौरुष शक्ति पुरुष के व्यक्तित्व की शारीरिक, मानसिक और तांत्रिक ऊर्जा का एक संकेत है। ये उसकी ऊर्जा, बल, व्यायामशीलता, सहनुभूति, और मानसिक स्थिति से जुड़ा हुआ है। पौरुष शक्ति पुरुषों में जोश, स्थिरता, और साहस को दर्शाता है। ये व्यक्ति की समर्थी और ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण पहलू है। पौरुष शक्ति का बड़ा भाग हार्मोन और स्वास्थ्य संबंध होता है, जिसमें टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन का भी प्रमुख योगदान होता है। पौरुष शक्ति व्यक्ति को जीवन में साकारात्मक रूप से प्रभाव और समर्थ बनाती है।

आयुर्वेद के अनुसर, "पौरुष शक्ति" का तत्व व्यक्तित्व के साथ शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। ये व्यक्तित्व की ऊर्जा, जीवंतता और जीवन शक्ति को प्रदर्शित करती है। पौरुष शक्ति में वायुमंडल, अग्नि, जल, पृथ्वी और आकाश तत्व का समावेश होता है। आयुर्वेद में, पौरुष शक्ति का ध्यान रखा जाता है, जिसमें वीर्य (शुक्र), ओजस (जीवन शक्ति), और तेज (अग्नि) मुख्य रूप से गिना जाता है। यदि तत्त्वों में संतुलन होता है, तो व्यक्तित्व में पौरुष शक्ति का विकास होता है।

सामान्य तौर पर, आयुर्वेद पौरुष शक्ति को स्वास्थ्य, प्रकृति के अनुकूल, और सात्विक जीवन शैली के साथ जुड़ता है। व्यक्तित्व को अपने दोष प्रकृति के अनुसर आहार, व्यायाम, और दिनाचार्य का पालन करके पौरुष शक्ति को बरकरार रखने की सलाह मिलती है।  

पौरुष शक्ति कम होने के आयुर्वेदिक कारण  

पौरुष शक्ति कम होने के आयुर्वेदिक कारण हो सकते हैं, जो व्यक्ति के दोष, धातु और मलमूत्रीकरण के पहलुओं पर निर्भर करते हैं। यहां कुछ मुख्य कारण है:

1. दोष विकृति: आयुर्वेद में वात, पित्त और कफ तीनों दोष होते हैं। अगर किसी दोष का विकार होता है, तो इस पौरुष शक्ति पर भी असर पड़ सकता है।

2. धातु क्षय: आयुर्वेद में, रस, रक्त, ममसा, मेद, अस्थि, मज्जा, और शुक्र - ये सात धातु होते हैं। अगर इनमें से कोई धातु क्षीण हो जाता है, तो पौरुष शक्ति पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

3. अग्नि मांड्या (पाचन दुर्बलता): जब व्यक्ति की अग्नि, यानी की जठराग्नि (पाचन अग्नि), काम होता है, तो आहार सही तरह से पच नहीं पाता, जिसकी मलमूत्रीकरण में गड़बड़ी होती है और पौरुष शक्ति कम हो जाती है।

4. व्यायाम की कमी: अक्सर, व्यायाम की कमी के कारण रक्त संचार और प्राण-शक्ति में कमी होती है, जिसे पौरुष शक्ति पर भी असर पड़ता है।

5. आत्यधिक तनाव और चिंता: मानसिक तनाव और चिंता भी पौरुष शक्ति को प्रभावित कर सकते हैं।

6. आपदाओं का सामना: किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक आपदा या बीमारी से पौरुष शक्ति कम हो सकती है।

पौरुष शक्ति कम होने के आयुर्वेदिक लक्षण  

पौरुष शक्ति कम होने के कुछ आयुर्वेदिक लक्षण होते हैं, जो व्यक्ति को ध्यान में रखना चाहिए। ये लक्षण व्यक्ति के दोष, धातु और मलमूत्रीकरण स्थिति पर निर्भर करते हैं। यहां कुछ मुख्य लक्षण हैं:

1. दुर्बलता (कमजोरी): व्यक्ति पौरुष शक्ति में कमी महसूस करता है और अक्सर शरीर दुर्बलता का अनुभव करता है।

2. थकान: अक्सर थकन महसूस होना, जल्दी थक जाना, और ऊर्जा का काम होना भी पौरुष शक्ति कम होना के लक्षण हो सकते हैं।

3. तनव और चिंता: मानसिक तनाव, चिंता, और मानसिक दबाव भी पौरुष शक्ति को प्रभावित कर सकते हैं।

4. शिघ्रपतन (शीघ्रपतन): पौरुष शक्ति में कामी के कारण, व्यक्ति शिघ्रपतन का सामना कर सकता है।

5. कामजोरी (कमजोरी): शारीरिक और मानसिक कामजोरी भी पौरुष शक्ति कम होने के लक्षण हो सकते हैं।

6. कमज़ोरी और सुस्ती: व्यक्ति में सुस्ती महसूस होना, किसी भी काम में रुचि न रखना, और अक्सर कामज़ोरी का अनुभव भी पौरुष शक्ति के कारण हो सकता है।

7. अनिद्रा (अनिद्रा): पौरुष शक्ति कम होने पर व्यक्ति को नींद न आना भी एक लक्षण हो सकता है।

8. शारीरिक दर्द और जोड़ों में स्थिति: पौरुष शक्ति में काम के कारण शारीरिक दर्द, जोड़ों में स्थिति और मानसिक तनाव का सामना हो सकता है।

9. वजन कम होना: पौरुष शक्ति में पुरुष का वजन कम हो जाता है और वो दुर्बलता और कमजोरी भी महसूस करने लग जाता है।

ये भी पढ़े : क्या तनाव के कारण शीघ्रपतन की समस्या हो सकती है?

पौरुष शक्ति बढ़ने के लिए बैद्यनाथ के कुछ फ़ॉर्मूलेशन्स 

बैद्यनाथ के कुछ प्रसिद्ध सूत्र जो पुरुषों के यौन समस्याओं के लिए प्रयुक्त होते हैं, वो अलग दिए गए हैं। ये फॉर्मूलेशन वैद्य या आयुर्वेदिक चिकित्सकों के मार्गदर्शन के साथ ही इस्तमाल की जानी चाहिए -

1. शिलाजीत गोल्ड कैप्सूल:

शिलाजीत गोल्ड कैप्सूल का इस्तमाल पौरुष शक्ति को बढ़ाने, वीर्य वृद्धि करने, शक्ति बढ़ाने, और सहनशक्ति को सुधारने के लिए किया जाता है।

2. चंद्रप्रभा वटी:

चंद्रप्रभा वटी पुरुषों में वीर्य विकास करके शुक्र धातु को मजबूत बनाने का काम करती है। इस्तेमल से यौन विकारों का इलाज किया जा सकता है।

3. सफेद मूसली पाक:

सफेद मूसली पाक का इस्तेमल पुरुषों में जीवन शक्ति और यौन शक्ति बढ़ाने के लिए किया जाता है। ये पौरुषता को बढ़ाता है.

4. अश्वगंधा चूर्ण:

अश्वगंधा चूर्ण के शरीर को ताकत मिलती है और शरीर में शक्ति का विकास होता है। ये यौन समस्याओं को दूर करने में मदद करती है।

5. वृद्धि वधिका वटी:

वृद्धि वधिका वटी पुरुषों में शुक्र धातु को बढ़ाने में मदद करती है, जिससे यौन स्वास्थ्य में सुधार होता है।

6. बैद्यनाथ वीटा एक्स ऑयल :

पुरुष यौन अंगों को ऊर्जा और जीवन शक्ति प्रदान करता है, मांसपेशियों को टोन करने में मदद करता है और सेक्स के दौरान आनंद बढ़ाता है, स्तंभन दोष और शीघ्रपतन में सहायक और लिंग के ऊतकों में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है और सीधा बने रहने की शक्ति को बढ़ाता है |

7. वीटा-एक्स गोल्ड प्लस

बैद्यनाथ वीटा एक्स गोल्ड सामान्यीकृत कमजोरी, थकावट और चिंता में भी मदद कर सकता है। शुद्ध शिलाजीत, स्वर्ण वंग, अश्वगंधा, सफेद मूसली, मकरध्वज, वंग भस्म, जयफल, केशर और कौंच बीज बैद्यनाथ वीटा-एक्स गोल्ड के कुछ आवश्यक घटक हैं। विटामिन एक्स गोल्ड शीघ्रपतन, स्तंभन दोष और कामेच्छा में कमी जैसे यौन विकारों के उपचार में सहायता करता है।

8. मन्मथ रस :

यह आयुर्वेदिक औषधि, का उपयोग यौन शक्ति, प्रजनन क्षमता और पुरुष यौन विकारों के लिए किया जाता है। यह नपुंसकता, बांझपन, शीघ्रपतन, कम कामेच्छा, थकान और यौन शक्ति की हानि में संकेत दिया जाता है। यह एक जड़ी-बूटी-खनिज औषधि है जिसमें शुद्ध पारा, शुद्ध सल्फर, अन्य धातु संबंधी तैयारी और हर्बल सामग्री शामिल है। यह शक्ति और स्फूर्ति के लिए उपयोगी है। यह शरीर, यौन सहनशक्ति को फिर से जीवंत कर सकता है और यौन समस्याओं में लाभ पहुंचा सकता है।

ये भी पढ़े : शुक्राणु की कमी का आयुर्वेदिक इलाज, उपचार और दवा ।

निष्कर्ष  

यदि किसी व्यक्ति को पौरुष शक्ति से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, तो बैद्यनाथ के कुछ फॉर्मूलेशन का इस्तमाल उनका सुखद जीवन और स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है। लेकिन, हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तमाल शुरू में आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह से करना चाहिए। आयुर्वेदिक उपचार के साथ सही आहार और व्यायाम का भी ध्यान रखना जरूरी है। यौन समस्याओं के लिए बैद्यनाथ की दवाइयाँ का इस्तेमाल करने से पहले वैद्य से परामर्श लेना चाहिए।

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Last Updated: Apr 1, 2024

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